logo

 रांची : किसी हाल में 1932 बर्दाश्त नहीं, बाहरी भीतरी की स्थिति पैदा न करे राजनेताः कैलाश यादव

1932_khatiyan.jpg

 रांची:
अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच (All India Bhojpuri Magahi Maithili Angika Manch) के अध्यक्ष कैलाश यादव (Kailash Yadav) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि JMM के जनप्रतिनिधियों द्वारा विगत दिनों से स्थानीय नीति को लेकर फिर से 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति (1932 Khatian Based Local Policy) बनाने की ओर हवा दिया जा रहा है। जबकि पिछले बजट सत्र के दौरान विधानसभा में विधायकों के सवाल पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने स्पष्ट शब्दों मे जवाब दिया था कि झारखंड में 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू नहीं हो सकता है क्योंकि अंतिम सर्वे कोई ठोस स्थिति में नहीं है और संवैधानिक तौर पर कानूनन स्टैंड नहीं करता है। उसके बावजूद फिर से सीएम हेमंत सोरेन और स्पीकर रविंद्र महतो के द्वारा 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करने की बात कह कर राज्य में तनाव की स्थिति पैदा कर दिया है।


50-55 फीसदी की आबादी में वर्षो से तीसरी चौथी पीढ़ी के लोग निवास करते है
विदित है की राज्य में लगभग 50-55 फीसदी की आबादी में वर्षो से तीसरी चौथी पीढ़ी से लोग राज्य में निवास करते हैं। नौकरी,पेशा रोजगार एवं स्कूली शिक्षा भी ग्रहण कर रहे हैं। वोटर,आधार कार्ड,राशन कार्ड और करोड़ों की संख्या में एकीकृत बिहार के समय से बहुसंख्यक लोगो ने जमीन खरीद कर वर्षो बरस से घर बारी बनाकर रह रहे है। व्यवसायिक रूप से बड़े पैमाने पर स्कूल,कालेज,तकनीकी शिक्षण संस्थान, अस्पताल,लघु उद्योग जैसे अनेकों कल कारखाने लगाकर यहां के लोगो को रोजगार सृजन कर राज्य को विकासशील बनाने में अलग पहचान बनाई है।

बहुसंख्यक लोगो को बिहारी और बाहरी कह किया जाता है संबोधित
उन्होंने आगे कहा कि यह अत्यंत दुखद है की वर्षो से निवास करने वाले को अनेक धर्म जाति समुदाय के बहुसंख्यक लोगो को बिहारी और बाहरी कह कर संबोधित किया जा रहा है। बाहरी भीतरी कर अपमान किया जा रहा है जो की बिल्कुल बर्दाश्त से बाहर का विषय हो रहा है। यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुझाव दिया है कि ऐसे संवेदनशील विषयों को गंभीरता से लेते हुए लोगों पर लगाम लगायें अन्यथा स्थिति इस बार निर्णायक मोड़ पर जा सकता है क्योंकि लोग में फिर 2002 डोमिसाइल की चर्चा शुरू हो गई है।